नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल आए और उन्हें सेवा समाप्ति की धमकी देकर ओटीपी मांगा गया।
ठग खुद को विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कॉल कर रहे थे और पोषण ट्रैकर बंद होने का बहाना बनाकर पहले पासवर्ड पूछते थे, फिर ओटीपी मांगते थे, जैसे ही ओटीपी साझा की गई वैसे ही मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया।
यह फर्जी कॉल 10 फरवरी की शाम प्रमिला शर्मा, ममता मंसूरिया, सावित्री सेन, सरिता, वैष्णवी माधव सहित वार्ड क्रमांक 5 केंद्र क्रमांक 11 की कार्यकर्ताओं को मोबाइल नंबर 9798929881 से आए, कॉल करने वाले ने पहले सिस्टम बंद होने की बात कही और फिर ओटीपी हासिल कर ली।
एक कार्यकर्ता का ओटीपी शेयर करते ही उसका व्हाट्सएप अकाउंट बंद हो गया और अकाउंट हैक होने के बाद जुड़े हुए व्हाट्सएप ग्रुपों में एसबीआई योनो ऐप की APK फाइल का लिंक भेजा जाने लगा।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी लिंक में अगर APK लिखा हो तो उस पर न क्लिक करें और न ही डाउनलोड करें क्योंकि यह हैकिंग का तरीका हो सकता है।
घटना के बाद सभी प्रभावित कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचीं और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई, साथ ही पूरे मामले की जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने बताया कि विभागीय स्तर पर सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और किसी भी अधिकारी द्वारा फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगा जाता, अगर इस तरह की कोई कॉल आए तो तुरंत नंबर ब्लॉक करें और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

