खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां बीजेपी नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू ने सूदखोरी और आर्थिक दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
मोघट पुलिस के मुताबिक, मौत से पहले दिए गए बयान में जीतू चौधरी ने बताया कि वह लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और सूदखोरी की प्रताड़ना के कारण मानसिक तनाव झेल रहे थे।
जीतू चौधरी खंडवा के लवकुश नगर सेक्टर तीन के निवासी थे और मंगलवार सुबह वे बड़गांव भीला रोड स्थित कांग्रेस के पूर्व पार्षद गणेश सकरगाये के घर पहुंचे थे, जहां पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हिसाब-किताब होना था।
बताया जा रहा है कि ब्याज चुकाने में असमर्थ रहने पर कथित तौर पर धमकी दिए जाने के बाद जितेंद्र चौधरी ने वहीं जहरीला पदार्थ खा लिया।
घटना के बाद गणेश सकरगाये और वहां मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन इलाज के दौरान जितेंद्र चौधरी ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही मोघट पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
मृत्यु पूर्व बयान में जीतू चौधरी ने गणेश सकरगाये पर सूदखोरी और लगातार धमकाने का आरोप लगाया है, साथ ही यह भी कहा गया कि उन्हें घर बिकवाने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे।
फिलहाल मोघट पुलिस मौत से पहले दिए गए बयान के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

