जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में नेशनल हाईवे पर बने लगभग 400 करोड़ रुपये के ब्रिज के ढहने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस प्रकरण में निर्माण कंपनी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम यानी MPRDC ने शहपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है और निर्माण कार्य में भारी लापरवाही की बात स्वीकार की है।
मामले में वागड़ इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। निर्माण कंपनी से जुड़े विनोद जैन और हुकुम सिंह को भी एफआईआर में नामजद किया गया है। MPRDC का कहना है कि निर्माण के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया और ब्रिज निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि पुल के निर्माण में सही सामग्री का उपयोग नहीं हुआ और सुरक्षा तथा मजबूती के आवश्यक मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। निगम के अनुसार कुछ महीने पहले नेशनल हाईवे का एक अन्य हिस्सा गिरने के बाद भी सतर्कता नहीं बरती गई, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
पूरा मामला अब शहपुरा थाने में दर्ज है और आगे की जांच जारी है।

