भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने बांग्लादेश और भारत में मंत्रिमंडल में धार्मिक प्रतिनिधित्व को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी की है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
नियाज खान ने लिखा कि बांग्लादेश में एक करोड़ हिंदू आबादी के बीच दो हिंदू मंत्री बनाए गए हैं, जिसे उन्होंने खुशी की बात बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल उठाया कि भारत में करीब 20 करोड़ मुस्लिम आबादी होने के बावजूद केंद्र सरकार में एक भी मुस्लिम मंत्री नहीं है, जो उनके मुताबिक आश्चर्य का विषय है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से विनम्र निवेदन करते हुए कहा कि दो से तीन मुस्लिम मंत्रियों को शामिल करने पर गंभीर चिंतन किया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
यह पहला मौका नहीं है जब नियाज खान ने इस तरह का बयान दिया हो। इससे पहले भी वे विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रख चुके हैं। उन्होंने कभी आबादी के आधार पर आरक्षण की वकालत की थी तो कभी सामाजिक और धार्मिक पहचान को लेकर भी टिप्पणी की थी।
फिलहाल उनके इस ताजा बयान ने एक बार फिर राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन पर नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

