मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां लाडली बहना योजना के नाम पर ठगी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी घर-घर जाकर 50 रुपये वसूल रहे हैं, यह कहकर कि यह पैसा योजना से जुड़ी प्लेट लगाने के लिए लिया जा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अब मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
यह पूरा मामला सीधी जनपद के बेदुआ ग्राम पंचायत का है। जब ग्रामीणों ने एक व्यक्ति से पूछताछ की, तो उसने एक आदेश पत्र दिखाया, जिस पर जनपद सीईओ के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। इस आदेश में जिला पंचायत के आदेश का हवाला देते हुए यह लिखा गया है कि स्वच्छ गांव, बेटी बचाओ, नशे से बचो, वृक्ष लगाओ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए हर मकान मालिक से स्वेच्छा से 50-50 रुपये लिए जाएं।
और तो और, इस कथित आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर कार्यालय, जिला पंचायत सीईओ कार्यालय, उपखंड अधिकारी कार्यालय समेत कई अन्य विभागों के नाम पर भी दर्ज बताई जा रही है। यही वजह है कि अब यह मामला गांव से निकलकर जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है।
जैसे ही मामला सामने आया, कांग्रेस ने इस पर सरकार को घेर लिया है। कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाए हैं, वहीं कांग्रेस मीडिया प्रभारी शिल्पी अग्रवाल ने भी एक वीडियो जारी कर सरकार से जवाब मांगा है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और पूरी जांच की जा रही है।
अब सवाल यह है कि क्या यह किसी स्थानीय स्तर पर की गई ठगी है या फिर सरकारी व्यवस्था में कोई गड़बड़ी?
फिलहाल, लाडली बहनों के नाम पर हो रही यह वसूली प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई है, और अब सबकी नजरें इस जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

