बैतूल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बैतूल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के पहले पीपीपी मोड पर बनने जा रहे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का भूमिपूजन किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। मंच से मुख्यमंत्री ने एक बड़ा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक ऐलान करते हुए ताप्ती नदी के उद्गम स्थल पवित्र नगरी मुलताई विधानसभा का नाम बदलकर “मूलतापी” करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से मुलताई विधायक से प्रस्ताव भेजने को कहा और स्पष्ट किया कि इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बैतूल जिले के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। सीएम ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गुड़ क्लस्टर बनाने, कोसमी इंडस्ट्रीज एरिया के दूसरे चरण की शुरुआत करने और सागौन आधारित वुडन क्लस्टर विकसित करने का ऐलान किया, जिससे सागौन के उत्पादों का निर्यात विश्व स्तर पर किया जा सके। जिले के लिए कुल 343 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की भी घोषणा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बैतूल में बन रहा यह पीपीपी मेडिकल कॉलेज केवल एक इमारत नहीं, बल्कि पूरे जिले की तस्वीर बदलने वाला कदम है। यह पहल गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और बैतूल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। उन्होंने भारत के स्वास्थ्य तंत्र में आए बड़े बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि आज भारत में मातृ मृत्यु दर वैश्विक स्तर पर काफी कम हुई है।
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार की सोच केवल बीमारी का इलाज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी को होने से पहले रोकना भी लक्ष्य है। बैतूल में बनने वाला यह मेडिकल कॉलेज स्थानीय लोगों को सभी तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा देगा। उन्होंने कहा कि पहले विधायक और सांसद इलाज के लिए चिट्ठियां लिखा करते थे, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान योजना के तहत हर गरीब को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और अगले दो सालों में यहां उच्च स्तरीय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

