मनरेगा का नाम बदलने से लेकर इंदौर में पानी से मौत तक गरमाई सियासत, कांग्रेस का शिवराज पर बड़ा हमला, अस्थाई शराब लाइसेंस पर भी उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश में मनरेगा योजना का नाम बदले जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा का नाम बदलवाया है और इसी के विरोध में उनकी लोकसभा में एक साथ दो यात्राएं निकाली जाएंगी। पीसी शर्मा ने कहा कि जब मनरेगा योजना लाई गई थी, तब भी बीजेपी ने इसका विरोध किया था, जबकि यह योजना गरीब मजदूरों की मदद के लिए बनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के नाम को हटाकर उनका अपमान किया गया है और कांग्रेस इस नाम परिवर्तन का विरोध सड़क से संसद तक करेगी।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इंदौर में गंदा पानी पीने से तीन लोगों की मौत के मामले को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले जबलपुर में शराब से लोगों की जान गई और अब मध्य प्रदेश में पानी से मौत हो रही है, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में ऐसी स्थिति कैसे बन गई और बड़े अधिकारियों व जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई न होने की वजह से ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

न्यू ईयर के मौके पर अस्थाई शराब लाइसेंस को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार घर-घर शराब पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दूषित पानी के बाद अब दूषित शराब भी लोगों के घरों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि नए साल के जश्न के लिए प्रदेश में 600 अस्थाई शराब लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिनमें से अकेले भोपाल में 150 लाइसेंस दिए गए हैं और ये लाइसेंस 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए मान्य हैं।

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