दबंगों की प्रताड़ना झेल रही एक मेजर की बेटी अंजना के लिए नए साल का पहला दिन जिंदगी की सबसे बड़ी राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर सिर्फ 24 घंटे के भीतर पुलिस ने करोड़ों की संपत्ति से अवैध कब्जा हटवाकर उसे उसका घर वापस दिला दिया। अपने पिता, भाई और बहन को खो चुकी अंजना लंबे समय से सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित हैं और रिहैब सेंटर में इलाज करा रही थीं, जहां से उन्हें जानकारी मिली कि चंदौली निवासी दबंगों ने उनके इंदिरा नगर स्थित मकान पर कब्जा कर लिया है।
31 दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान अंजना ने अपनी पीड़ा सुनाई और बताया कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनके मकान पर कब्जा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए और 24 घंटे के भीतर पुलिस व प्रशासन ने मकान खाली कराकर अंजना को सौंप दिया। गुरुवार दोपहर जैसे ही अंजना अपने घर पहुंचीं, उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उनके मुंह से निकला—गॉड ब्लेस यू योगी अंकल।
अंजना के पिता बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे, जिनका निधन वर्ष 1994 में हो गया था। परिवार में अब सिर्फ अंजना ही जीवित हैं। बीमारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने जमीन पर अपना बोर्ड लगाकर कब्जा कर लिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अपने घर में कदम रखते ही अंजना भावुक हो गईं, उन्होंने दीवारों को छुआ, दीप जलाया और पुराने दिनों की यादों में खो गईं।
मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से अंजना को न सिर्फ उसका घर मिला, बल्कि न्याय और भरोसे की वह ‘छांव’ भी मिली, जिसने नए साल की शुरुआत को उसके लिए उम्मीद और सम्मान से भर दिया।

