जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जीएसटी विभाग की छापेमारी में बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां स्क्रैप कारोबार से जुड़ी सात फर्मों के खिलाफ बड़े पैमाने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC की गड़बड़ी पकड़ी गई है। कार्रवाई के दौरान शहर की केएनआर मेटल्स और शमा स्टील पर विभाग ने विशेष रूप से शिकंजा कसा है, जिन पर करीब दो करोड़ रुपए से अधिक के आईटीसी घोटाले का अनुमान लगाया जा रहा है।
जांच के दौरान दोनों फर्मों ने अपनी प्रारंभिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल जीएसटी राशि जमा कराई है। केएनआर मेटल्स ने 11 लाख 84 हजार रुपए जबकि शमा स्टील ने 9 लाख रुपए की जीएसटी राशि मौके पर ही जमा कर दी है।
जांच में सामने आया है कि केएनआर मेटल्स ने करीब 10 करोड़ रुपए के फर्जी बिलों के जरिए लगभग 2 करोड़ रुपए के आईटीसी इनवॉइस का लाभ लेने की कोशिश की। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी सातों फर्मों ने संबंधित दस्तावेज जल्द जमा करने का आश्वासन दिया है। यदि दस्तावेजों के मिलान के बाद टैक्स चोरी या अनियमितता पाई जाती है, तो पूरी जीएसटी देय राशि वसूली जाएगी।
जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई शमा स्टील, केएनआर मेटल्स, मदन ट्रेडर्स, मानस इंटरप्राइजेज, वर्धमान इंटरप्राइजेज, सिल्वर स्टील इंडस्ट्री और महावीर इंडस्ट्री पर की गई है। सभी फर्म स्क्रैप कारोबार से जुड़ी हुई हैं और फिलहाल सभी के खिलाफ जांच जारी है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

