भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां एक मासूम बच्ची की मौत के बाद भी निजी एम्बुलेंस संचालकों का दिल नहीं पसीजा और दुखी परिजनों से खुलेआम पैसे ऐंठने की कोशिश की गई।
बैतूल जिले से एक मजदूर परिवार अपनी 14 महीने की बेटी का इलाज कराने हमीदिया अस्पताल पहुंचा था, लेकिन इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। गमगीन परिवार ने जब बच्ची के शव को अपने घर ले जाने के लिए अस्पताल परिसर में खड़ी निजी एम्बुलेंस से संपर्क किया, तो संचालकों ने बैतूल तक शव ले जाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग कर दी।
मेहनत-मजदूरी कर पेट पालने वाले परिवार ने हाथ जोड़कर विनती की और किसी तरह 6 हजार रुपये देने पर भी सहमति जताई, लेकिन इसके बावजूद एम्बुलेंस संचालक तैयार नहीं हुए। मजबूर परिजन करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते रहे।
आखिरकार लाचार परिवार को न्यू मार्केट जाकर ऑटो रिक्शा का सहारा लेना पड़ा और उसी में 14 महीने की मासूम बच्ची का शव घर ले जाना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन और निजी एम्बुलेंस व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है, जिस पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

