मौनी अमावस्या के दिन स्नान को लेकर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच उपजे तनाव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम योगी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने वाले कई कालनेमि हो सकते हैं, जिनसे सतर्क रहने की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया सामने आई है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी के बयान पर कहा कि वे सही कह रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके अधिकारी और मेला प्राधिकरण के लोग सनातन का अपमान कर रहे हैं और यही सनातन को कमजोर करने का प्रयास है। शंकराचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बात तो बिल्कुल सही कही है कि कालनेमियों से सावधान रहना चाहिए, लेकिन वे यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि यह गलती उनके ही प्रशासन और अधिकारियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि प्रशासनिक स्तर पर ही सनातन परंपराओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में कहा था कि एक संत के लिए धर्म ही उसकी संपत्ति है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्म के खिलाफ आचरण करते हैं, वे कालनेमि हैं और ऐसे तत्व धर्म की आड़ में सनातन को कमजोर करने की साजिश रचते हैं, इसलिए उनसे सतर्क रहना जरूरी है। सीएम योगी ने यह भी कहा कि किसी को भी परंपराओं को बाधित करने का अधिकार नहीं है और 18 तारीख को माघ मेले में करीब चार करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।

