जबलपुर। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित जहरीला कफ सिरप मामले में हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई है, जहां 24 मासूम बच्चों की मौत से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी समेत उनके परिवार की जमानत याचिकाओं पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह मामला पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला रहा, जिसमें छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित श्रीसन फार्मेसी से जुड़े कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से 22 बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि बैतूल जिले में इसी सिरप से 2 और मासूमों की जान चली गई थी, इस तरह कुल 24 निर्दोष बच्चों की दर्दनाक मौत हुई।
मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी छिंदवाड़ा के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ थे, और उन पर आरोप है कि उन्होंने इस जहरीले कफ सिरप को सबसे अधिक मात्रा में मरीजों को प्रिस्क्राइब किया।
इस मामले में डॉक्टर सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, सौरभ सोनी और राजेश सोनी को भी आरोपी बनाया गया है, जिनकी जमानत याचिकाओं पर हाईकोर्ट में एक साथ सुनवाई की गई।
न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने विस्तार से अपने-अपने तर्क रखे, सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है, यानी अब इस मामले में फैसला किसी भी समय सुनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस हृदयविदारक घटना के बाद राज्य सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया था, और जांच में यह सामने आया कि सिरप में मौजूद जहरीले तत्वों की वजह से बच्चों की मौत हुई।
डॉ. प्रवीण सोनी पर यह गंभीर आरोप भी है कि वे कमीशन के लालच में इस सिरप को जरूरत से ज्यादा लिख रहे थे, जिससे यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक बड़े अपराध के रूप में देखा जा रहा है।

