जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में कुलगुरु नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने जवाब पेश न किए जाने पर नाराजगी जताई है और संबंधित पक्ष पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोर्ट ने साथ ही स्पष्ट किया है कि अब जवाब प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मोहलत दी जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में अप्रैल 2025 में ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
यह पूरा मामला NSUI के जबलपुर जिला अध्यक्ष सचिन रजक द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें कुलगुरु की नियुक्ति को चुनौती दी गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में UGC के नियमों की अनदेखी की गई और तय मानकों का पालन नहीं किया गया।
नियमों के अनुसार कुलगुरु पद के लिए पीएचडी के बाद कम से कम 10 साल का शैक्षणिक अनुभव जरूरी होता है।
फिलहाल कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल तय की है, जहां आगे की कार्रवाई की जाएगी।

