नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे पानी पर हाईकोर्ट सख्त, नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड से मांगा जवाब, रोज़ 98 करोड़ लीटर सीवेज मिलने का दावा

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे पानी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। जनहित याचिका में दावा किया गया है कि नर्मदा नदी में हर दिन करीब 98 करोड़ लीटर सीवेज का पानी सीधे मिल रहा है, जिससे नदी का जल गंभीर रूप से प्रदूषित हो रहा है।

नर्मदा में गंदा पानी मिलने के मुद्दे पर दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय शराप की खंडपीठ ने सुनवाई की और संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया। कोर्ट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव, नगरीय विकास सचिव, जबलपुर नगर निगम, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है।

हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ क्लब कर दिया है। याचिका जबलपुर निवासी विनीता आहूजा की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें नर्मदा की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *