केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की आर्थिक नीतियों पर विस्तार से बात की। इस दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस दावे पर पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि देश में युवाओं के पास नौकरियां नहीं हैं और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट आ रही है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता राहुल गांधी किस तरह के कोर्स करेक्शन की बात कर रहे हैं, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव वाले सेक्टर्स को मजबूत करने के लिए बजट में एमएसएमई, टेक्सटाइल, लेदर, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, किसानों, वैल्यू एडिशन और महिला उद्यमियों के लिए कई नई योजनाएं लाई गई हैं, ताकि ग्रोथ को और गति दी जा सके।
वहीं राहुल गांधी ने बजट पर निशाना साधते हुए कहा कि इसमें देश के सामने मौजूद वास्तविक संकटों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है और किसान संकट में हैं, जबकि वैश्विक झटकों का असर भी बजट में गंभीरता से नहीं दिखता। राहुल गांधी के मुताबिक यह बजट समस्याओं को दुरुस्त करने के बजाय उनसे आंख मूंद लेने जैसा है।
इन आरोपों पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राजनीतिक तौर पर आलोचना करना किसी का अधिकार है, लेकिन अगर किसी के पास ठोस तथ्य हैं तो उन्हें सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों तक पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रही है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव की वजह से उनकी जिंदगी पर बड़ा नकारात्मक असर न पड़े।
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स के जरिए ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है जो उत्पादकता बढ़ाए और रोजगार के नए अवसर पैदा करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुधारों की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
वित्त मंत्री ने टेक्नोलॉजी सेक्टर पर जोर देते हुए कहा कि 21वीं सदी पूरी तरह तकनीक आधारित है, इसलिए आम आदमी तक तकनीक के फायदे पहुंचाने के लिए सरकार काम कर रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास फोकस रहेगा और सेमीकंडक्टर मिशन के तहत बड़ी घोषणाएं की गई हैं। 40 हजार करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम से देश को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
रेयर अर्थ मटेरियल को लेकर निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे, जिससे बाहरी देशों पर निर्भरता कम होगी। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में इन कॉरिडोरों की पहचान की गई है। इससे मैग्नेट और रेयर अर्थ जैसे अहम संसाधनों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी और इसका भारतीय अर्थव्यवस्था पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

