इंदौर। इंदौर के सांवेर तहसील के धरमपुरी गांव में एक घर में अवैध रूप से आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण चल रहा था। करीब 30 मजदूर यहां पर 39 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां बना रहे थे, जो कई राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं।
आयुष विभाग ने सूचना मिलने पर मौके पर छापा मारा और पूरी फैक्ट्री को सील कर दिया। साथ ही यहां रखे गए कच्चे माल को भी जब्त किया गया।
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि इस फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई मानक लागू नहीं थे और साफ-सफाई की भी पूरी तरह से उपेक्षा की गई थी।
मौके पर न तो कोई केमिस्ट था और न ही फार्मासिस्ट, जो दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए अनिवार्य होते हैं।
यहां बनाई जा रही दवाओं पर पंजाब और देहरादून की कंपनियों के लेबल लगे हुए थे, जो जांच के दायरे में हैं।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी और गंभीर कदम माना जा रहा है, ताकि फर्जी और असुरक्षित दवाओं के खतरों से आम जनता को बचाया जा सके।

