इंदौर की एक मासूम 2 साल 9 महीने की बच्ची इस समय जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है। उसे ऐसी गंभीर बीमारी ने घेर लिया है, जिसमें उसकी मांसपेशियाँ तेजी से कमजोर होती जा रही हैं। हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि अब वह चल भी नहीं पा रही। हर बीतता दिन उसके लिए और कठिन होता जा रहा है। डॉक्टरों ने जो इलाज बताया है, उसका खर्च किसी भी आम भारतीय परिवार की क्षमता से बहुत ऊपर—करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है।
बच्ची की मां ने रोते-रोते एक भावुक अपील की है। उन्होंने मध्यप्रदेश की सभी लाडली बहनों से folded hands के साथ निवेदन किया है—“अगर हर लाडली बहन सिर्फ 10 रुपये भी मदद कर दे… तो मेरी बच्ची को जिंदगी मिल सकती है।” परिवार अपनी सारी जमा-पूंजी लगा चुका है, रिश्तेदारों-दोस्तों से जितनी मदद मिल सकती थी, सब ले चुके हैं… लेकिन इतना बड़ा इलाज का खर्च उनके लिए अकेले जुटाना लगभग असंभव है।
इस मुश्किल घड़ी में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा आगे आए हैं। उन्होंने रेड क्रॉस सोसायटी के जरिए सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही उन्होंने शहरवासियों से भी अनुरोध किया है कि जो भी सक्षम लोग हैं, वे सेवा सेतु ऐप के माध्यम से इस मासूम की मदद कर सकते हैं, क्योंकि यह बच्ची अब सिर्फ जनता की उम्मीदों पर ही टिकी हुई है।
हर एक मदद—चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो—इस नन्ही बच्ची के लिए जिंदगी लौटाने की ताकत बन सकती है।

