टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में संकल्प यात्रा के दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति का बयान प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर गया है। टीकमगढ़ में आयोजित सभा में उन्होंने कथावाचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग व्यास गद्दी का दुरुपयोग कर देश में सांप्रदायिकता, जातिवाद और पाखंड फैला रहे हैं और ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए।
सोमवार को आरडी प्रजापति और आजाद पार्टी के नेता दामोदर यादव संकल्प यात्रा लेकर टीकमगढ़ पहुंचे थे। सभा को संबोधित करते हुए प्रजापति ने कहा कि वे धर्म विरोधी नहीं हैं, लेकिन समाज में भेदभाव और जातिगत घटनाओं पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने हिंदू संकल्प यात्रा का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि जात-पात खत्म करने की बात की जाती है तो फिर समाज में होने वाली घटनाओं पर चुप्पी क्यों साध ली जाती है।
अपने भाषण में उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग जातियों के साथ होने वाली घटनाओं पर खुलकर आवाज उठनी चाहिए। इसी दौरान उन्होंने अबीर को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी, जिसके बाद बयान ने और तूल पकड़ लिया। सभा में करीब 200 लोग मौजूद थे, जिनमें भीम आर्मी और यादव महासभा से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि आरडी प्रजापति छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से 2013 में विधायक रह चुके हैं। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी से 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। फिलहाल उनके बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं और प्रदेश की सियासत में इसे लेकर घमासान छिड़ गया है।

