भारत कोई ज़मीन का टुकड़ा नहीं’ — वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर बोले अमित शाह, दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश

पटना। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आज एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष रूप से हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गान किया और देशवासियों से स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

अमित शाह ने कहा कि आज से ठीक 150 साल पहले बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम को पहली बार सार्वजनिक किया था, और आज यह गीत हमारी राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में “वंदे भारत मातरम अभियान” पूरे देश में हर भाषा में चलाया जाएगा, ताकि हर भारतीय इस गीत से जुड़ सके और इसमें अपनी भावना महसूस कर सके।

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने भावुक होकर कहा — “भारत कोई ज़मीन का टुकड़ा नहीं है, यह एक संस्कृति है, एक विचार है, जो हमारी पहचान को मज़बूत करता है।” उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की 150वीं जयंती को सरकार स्वदेशी वर्ष के रूप में समर्पित करेगी।

शाह ने जनसंघ से लेकर भाजपा तक की यात्रा का ज़िक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा संस्कृत राष्ट्रीय विचार को आगे बढ़ाया है। उन्होंने जनता से अपील की कि विदेशी वस्तुओं की जगह भारतीय उत्पादों को अपनाएं और हर गांव, हर समाज में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।

गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में गांव-गांव में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देंगे और युवाओं व बच्चों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा — “नई पीढ़ी को स्वदेशी का महत्व समझाना हमारा कर्तव्य है। जब हर भारतीय स्वदेशी बनेगा, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

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