अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और कई देश इस घटनाक्रम से प्रभावित हो रहे हैं। इसी बीच भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने की अपील की है। भारत ने स्पष्ट कहा है कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम को लेकर भारत गहरी चिंता में है। भारत ने आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने, युद्ध जैसी स्थिति से बचने और संवाद के जरिए समाधान खोजने पर जोर दिया है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन अपने नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने, स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और दूतावास से जुड़े रहने की सलाह दी गई है।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मुद्दे पर सक्रिय कूटनीतिक पहल करते हुए इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सआर से बातचीत की और तनाव कम करने के लिए संवाद का आह्वान दोहराया। इसके अलावा उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी टेलीफोन पर चर्चा कर क्षेत्रीय हालात पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।
ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की सलाह दी है। साथ ही इजराइल में रह रहे भारतीय नागरिकों को भी सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। भारत ने साफ किया है कि मौजूदा हालात में शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की राह ही सबसे बेहतर समाधान है।

