इंदौर। शहर में साइबर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर इंदौर के एक व्यापारी से 1 करोड़ 4 लाख 63 हजार 800 रुपये की ठगी कर ली गई। बड़ी ग्वालटोली निवासी व्यापारी विशाल परोलिया ने बताया कि सितंबर 2025 में व्हाट्सएप के जरिए अदिति शर्मा नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को बेंगलुरु की डिफेन्स कॉलोनी का निवासी बताते हुए चार साल के फॉरेक्स ट्रेडिंग अनुभव का दावा किया।
धीरे-धीरे भरोसा जीतकर महिला ने एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट का लिंक भेजा और उस पर आईडी बनवाकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने शुरू किए। शुरुआत में थोड़े मुनाफे का झांसा देकर भरोसा जमाया गया, फिर बैंक ऑफ बड़ौदा, यस बैंक, सेंट्रल बैंक और करूर वैश्य बैंक के खातों में लाखों और फिर करोड़ों रुपये डलवाए गए।
ठगी की हद तब पार हो गई जब पीड़ित ने अपने बेचे हुए मकान के पैसे, रिश्तेदारों से लिया गया कर्ज और पत्नी की ज्वेलरी गिरवी रखकर लिया गया गोल्ड लोन भी इस फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर झोंक दिया। जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो कभी मार्केट ऊपर होने का बहाना बनाया गया, तो कभी करेंसी एक्सचेंज चार्ज के नाम पर और रकम की मांग की गई।
आखिरकार जब पीड़ित पूरी तरह टूट चुका था, तब उसे एहसास हुआ कि वह एक संगठित साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। विशाल परोलिया ने 10 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की उम्मीद में पीड़ित इंदौर जनसुनवाई पहुंचा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब भी सवाल यही है कि आखिर कब साइबर ठग सलाखों के पीछे पहुंचेंगे।

