इंदौर दूषित पानी कांड, डेथ रिपोर्ट ने खोली प्रशासन की आंखें

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पानी ने ऐसा कहर बरपाया कि अब तक 24 लोगों की जान चली गई। भागीरथपुरा इलाके से सामने आई इस दर्दनाक त्रासदी में एक 5 महीने का मासूम बच्चा भी अपनी जान गंवा चुका है।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की विशेष टीम ने 21 मौतों का डेथ एनालिसिस किया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 15 मौतें सीधे तौर पर दूषित पानी पीने और उससे फैले उल्टी-दस्त की वजह से हुई हैं, और इस बात को शासन ने खुद स्वीकार किया है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2 लोगों की मौत महामारी शुरू होने से पहले हो चुकी थी, जबकि 4 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं। कुछ मामलों में अब तक मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। यह पूरी रिपोर्ट कलेक्टर शिवम वर्मा को सौंप दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 29 दिसंबर से अब तक 436 से अधिक लोग इस दूषित पानी से प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं, लेकिन अभी भी 33 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 8 की हालत गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में इलाजरत हैं। मंगलवार को भी 5 नए मरीज सामने आए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके की पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी में मिल गया था। लोगों का कहना है कि उन्होंने समय रहते शिकायतें कीं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसका नतीजा आज पूरे शहर को इस भयावह त्रासदी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *