इंदौर। इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की संवेदनहीनता थमने का नाम नहीं ले रही। जिस इलाके में गंदे पानी ने लोगों की जान ली, उसी इलाके में नगर निगम अब भी टैंकरों के जरिए वही दूषित पानी सप्लाई कर रहा है।
नगर निगम द्वारा भेजे गए कई टैंकर जंग लगे हुए हैं और उनमें भरा पानी पीने लायक तो दूर, छूने तक के काबिल नहीं है। मजबूरी में लोग उसी पानी का इस्तेमाल करने को विवश हैं, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं छोड़ा गया। जब मौके पर पहुंचकर टैंकरों की स्थिति देखी गई, तो हालात और भी डरावने सामने आए। टैंकरों के अंदर जमा पानी बेहद गंदा और बदबूदार था, जिसे देखकर साफ हो गया कि यह पानी किसी भी हालत में पीने योग्य नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 16 मौतों के बाद भी नगर निगम ने कोई सबक क्यों नहीं लिया। क्या आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। जिस पानी ने पहले ही कई घरों के चूल्हे बुझा दिए, उसी जहर को टैंकरों के जरिए दोबारा लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। भगीरथपुरा में हालात ऐसे हैं कि एक तरफ अस्पतालों में मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ नगर निगम की लापरवाही खुलकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है। यह सिर्फ बदइंतजामी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानी जिंदगी के साथ किया जा रहा अपराध है।

