भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह और खेमेबाजी खुलकर सामने आ रही है, जहां अनुसूचित जाति विभाग में हुई नियुक्तियों के बाद संगठन में खींचतान तेज हो गई है।
नियुक्तियों के बाद दो जगहों पर जिला और शहर अध्यक्षों को बदल दिया गया है, जिसमें देवास ग्रामीण से विजय परमार और ग्वालियर शहर से केदार सिंह बरहादिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पहले बनाए गए पदाधिकारियों को हटा दिया गया है।
बताया जा रहा है कि इन नियुक्तियों में स्थानीय नेताओं के प्रभाव की भी चर्चा है, जिससे संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति बनी हुई है और अलग-अलग गुट सक्रिय नजर आ रहे हैं।
इसी बीच संगठन ने निष्क्रिय पदाधिकारियों पर भी सख्त रुख अपनाया है, जहां काम नहीं करने वाले युवक कांग्रेस नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक कई पदाधिकारी बैठकों और कार्यक्रमों से दूरी बना रहे थे, जिसके चलते करीब 40 प्रदेश पदाधिकारी और 3 जिलाध्यक्षों को होल्ड कर दिया गया है, जिनमें महासचिव और सचिव स्तर के नेता भी शामिल हैं।
पार्टी नेतृत्व का साफ संदेश है कि संगठन में सक्रियता जरूरी है और जो जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

