उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया, जहां पूरे प्रदेश के दस संभागों, 55 जिला मुख्यालयों और 313 विकास खंडों में एक साथ तीन लाख गीता प्रेमियों की आवाज़ में श्रीमद्भगवत गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ गूंज उठा। उज्जैन के दशहरा मैदान से शुरू हुए इस ऐतिहासिक आयोजन में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की उपस्थिति ने पूरा वातावरण आध्यात्मिक उत्साह से भर दिया। मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में संस्कृति विभाग, जनसंपर्क विभाग, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, जेल विभाग, श्री कृष्ण पाथेय न्यास और जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन ने इस महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप दिया।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता हर युग में हमारा मार्गदर्शन करती आई है और आज गीता जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश को एक साथ जोड़ते हुए अद्भुत ऊर्जा दिखाई दे रही है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के हर नगर निगम, नगर पालिका और हर निकाय में गीता भवन बनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत इंदौर से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आज से विधानसभा सत्र की शुरुआत है, लेकिन उज्जैन से गीता जयंती मनाना उनके लिए विशेष सुखद है।
महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी तीन दिनों तक लगातार आध्यात्मिक रंग बिखेरेंगे। 1 दिसंबर की शाम दशहरा मैदान पर पुनीत इस्सर के निर्देशन में “जय श्री कृष्ण–गीता सार” का भव्य नृत्य-नाट्य मंचन होगा। 2 दिसंबर को नई दिल्ली की कलाकार वैष्णवी शर्मा अपनी विराटजयी काव्य प्रस्तुति देंगी, जिसके बाद मोहित शेवानी के निर्देशन में “कृष्णायन” का मंचन होगा। 3 दिसंबर को “विश्ववंदनीय” नाट्य प्रस्तुति के साथ श्वेता देवेंद्र का भरतनाट्यम, क्षमा मालवीय का कथक और कविता शाजी का मोहिनीअट्टम दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। इसके बाद सलाउद्दीन पाशा द्वारा “गीता ऑन व्हील्स” का अनूठा मंचन किया जाएगा।
महोत्सव में माधव दर्शनम विषय पर लघु चित्र शैलियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो श्रीकृष्ण के जीवन और गीता के अध्यात्मिक महत्व को सुंदर कलात्मक रूप में प्रस्तुत कर रही है। इस तरह उज्जैन से शुरू हुआ यह गीता महोत्सव पूरे प्रदेश में भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का नया उत्सव रच रहा है।

