लखनऊ। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को हिला कर रख दिया है और अब भारत की सियासत में भी इसे लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार से साफ रुख बताने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह जंग के साथ खड़ी है या अमन के साथ, और एक तटस्थ देश होने के नाते युद्ध को रोकने व शांति बहाली के लिए क्या कूटनीतिक प्रयास कर रही है।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि किसी देश के खास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों के बीच भारत सरकार को इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर पारदर्शिता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्धकालीन खबरें अक्सर रणनीति का हिस्सा होती हैं, इसलिए सरकार को मारे जाने वालों से जुड़ी खबरों की पुष्टि कर सच जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इंसान के साथ इंसानियत का मारा जाना बेहद दुखद है और हर देश को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस और तेज हो गई है कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत का आधिकारिक रुख क्या होना चाहिए।

