टीम इंडिया के लिए करो या मरो की जंग, सेमीफाइनल का रास्ता बेहद मुश्किल

ICC Men’s T20 World Cup में सुपर 8 का मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में अब हर मैच सेमीफाइनल की तस्वीर तय कर रहा है। सुपर 8 के दोनों ग्रुप से टॉप दो टीमें ही अंतिम चार में जगह बनाएंगी। लेकिन टीम इंडिया के लिए स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी है।

सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में India national cricket team को South Africa national cricket team ने 76 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। इस हार ने सिर्फ दो अंक ही नहीं छीने, बल्कि नेट रन रेट को भी -3.800 तक गिरा दिया। अब समीकरण साफ है, एक और हार और भारत का सफर यहीं खत्म हो सकता है।

ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका 2 अंक और +3.800 नेट रन रेट के साथ मजबूत स्थिति में है, जबकि भारत 0 अंक के साथ नीचे है। इस ग्रुप में West Indies cricket team और Zimbabwe national cricket team को अभी अपने मुकाबले खेलने हैं।

अब सबसे बड़ी गलती क्या हो सकती है? अगर भारत जिम्बाब्वे या वेस्टइंडीज में से किसी एक से भी हार जाता है, तो उसके पास अधिकतम सिर्फ 2 अंक रह जाएंगे और इतने कम अंकों के साथ टॉप-2 में पहुंचना नामुमकिन हो जाएगा। यानी एक और चूक सीधे घर वापसी का टिकट बन सकती है।

पहला और सबसे आसान रास्ता यही है कि भारत अपने दोनों बचे हुए मैच हर हाल में जीत ले। अगर ऐसा होता है तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। साथ ही यह भी जरूरी होगा कि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच जीत जाए। उस स्थिति में अफ्रीका 6 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहेगा और भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच सकता है, जहां नेट रन रेट की टेंशन नहीं रहेगी।

दूसरा रास्ता नेट रन रेट से होकर जाता है। अगर भारत अपने दोनों मैच जीत ले लेकिन दक्षिण अफ्रीका एक मैच हार जाए तो तीन टीमों के 4-4 अंक हो सकते हैं। ऐसे में फैसला नेट रन रेट पर होगा। -3.800 के खराब रन रेट को सुधारने के लिए भारत को बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी, कम से कम 60 से 80 रन से या लक्ष्य का पीछा करते हुए 12-13 ओवर में मुकाबला खत्म करना होगा। तभी रन रेट प्लस में आ सकता है और सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रह सकती है।

तीसरा समीकरण बारिश से जुड़ा है। अगर ग्रुप के अन्य मैच बारिश में धुलते हैं या टीमें एक-दूसरे को हराती हैं तो पॉइंट्स का समीकरण बदल सकता है। लेकिन भारत को हर हाल में अपने मुकाबले जीतने होंगे। अगर भारत का कोई मैच रद्द होता है तो कम रन रेट के कारण मुश्किल और बढ़ जाएगी।

साफ है कि अब हर मैच फाइनल जैसा है। सूर्या ब्रिगेड के लिए अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। जीत ही एकमात्र रास्ता है, वरना खिताब का सपना अधूरा रह सकता है।

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