दिल्ली हाई कोर्ट ने मशहूर गायक Jubin Nautiyal के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने साफ कहा है कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी वेबसाइट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एआई टूल उनके नाम, आवाज, फोटो, गायन शैली या डिजिटल अवतार का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता। कोर्ट ने माना कि किसी कलाकार की पहचान का अनधिकृत उपयोग उसकी प्रतिष्ठा और आय दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
यह आदेश उस याचिका पर आया, जिसमें गायक ने आरोप लगाया था कि कुछ एआई प्लेटफॉर्म उनकी आवाज की क्लोनिंग कर रहे हैं और उनकी गायन शैली की नकल करते हुए ऑडियो तैयार कर रहे हैं। साथ ही कुछ ई-कॉमर्स साइट्स पर उनके नाम और तस्वीरों वाले पोस्टर, स्टिकर और मर्चेंडाइज भी बेचे जा रहे थे। अदालत ने माना कि पहली नजर में गायक का मामला मजबूत है और यदि तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है।
कोर्ट ने संबंधित प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे बिना अनुमति किसी भी तरह का कॉमर्शियल इस्तेमाल तुरंत बंद करें और आपत्तिजनक या गलत कंटेंट हटाएं। इतना ही नहीं, ऐसे कंटेंट अपलोड करने वालों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह आदेश एआई से तैयार नकली आवाजों, डीपफेक वीडियो और फेस-मॉर्फ्ड कंटेंट पर भी लागू होगा।
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कलाकार के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स बौद्धिक संपदा और निजता से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकार हैं, और डिजिटल दौर में इनकी कानूनी सुरक्षा बेहद जरूरी है।

