भोपाल। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच बंद कमरे में अकेले बातचीत हुई और कार्यकर्ताओं को दूरी बनाए रखने को कहा गया। बीजेपी की ओर से तर्क दिया गया कि रोस्टर डे के तहत कैलाश विजयवर्गीय कार्यालय पहुंचे थे। गौरतलब है कि मंत्री को जेड श्रेणी की CISF सुरक्षा प्राप्त है।
इधर इंदौर में बुधवार देर रात आरएसएस कार्यालय सुदर्शन में भी एक हाईलेवल बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक गहन चर्चा की गई। इस बैठक में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को तलब किया गया था, जहां उन्हें कार्यालय के बाहर उतारकर उनका शासकीय वाहन वापस भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि इस अहम बैठक में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी मौजूद थे और संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मामले पर मंथन किया।
दरअसल इंदौर में दूषित पानी से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी मामले को लेकर जब कुछ दिन पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने मीडिया पर भड़कते हुए विवादित बयान दे दिया था। मंत्री ने कहा था कि फोकट सवाल मत पूछो, क्या घंटा हो गया है, साथ ही उन्होंने अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया था। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और मामला तूल पकड़ गया।
अपने बयान को लेकर कैलाश विजयवर्गीय खुद विवादों में घिर गए। विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और प्रदेशभर में प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों और बीजेपी विधायकों के आवासों का घेराव किया। कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग करते हुए इंदौर के दूषित पानी कांड के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।

