इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट सहित कई धाराओं में झूंसी थाने में मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद शंकराचार्य की संभावित गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इसी बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सामने आकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “कालनेमि चाहता है कि शंकराचार्य का अपमान किया जाए और उन्हें जनता की नजर में दोषी सिद्ध किया जाए।” उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह एक साजिश है।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप लगाए गए हैं तो वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस निष्पक्ष जांच करे और उनके ऊपर लगाए गए कलंक का निस्तारण करे। उनका दावा है कि सारे साक्ष्य झूठे हैं और गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने माघ मेले में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की मांग की और कहा कि कैमरों की जद में जो भी घटनाएं हुई होंगी, सच्चाई सामने आ जाएगी।
दरअसल, पूरा मामला तब सामने आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दो बच्चों को हाईकोर्ट में पेश कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण सहित कई गंभीर आरोप लगाए। प्रयागराज पुलिस कमिश्नर ने इस संबंध में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। 13 फरवरी को दोनों बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए थे।
अब झूंसी थाने में केस दर्ज होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और सभी की नजरें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

