मध्यप्रदेश के Sheopur जिले से जुड़े चर्चित बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बड़ा झटका लगा है, जहां Supreme Court of India ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और साफ कहा है कि उन्हें राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।
इस फैसले के बाद अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी की आशंका और तेज हो गई है, क्योंकि इससे पहले विशेष न्यायालय श्योपुर और Madhya Pradesh High Court भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुके हैं, जिससे तीनों स्तरों पर उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।
यह पूरा मामला साल 2021 में श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ के दौरान राहत राशि में गड़बड़ी से जुड़ा है, जहां जांच में करीब 2.57 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा हुआ था और आरोप है कि बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचने वाली मदद में फर्जीवाड़ा किया गया।
इस घोटाले में अमिता सिंह तोमर को मुख्य आरोपी बताया गया है, जबकि कुल 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है, जिनमें 28 पटवारी भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि अमिता सिंह तोमर Kaun Banega Crorepati में साल 2011 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं और ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से जानी जाती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब जांच एजेंसियां और पुलिस इस मामले में तेज कार्रवाई कर सकती हैं और आने वाले समय में गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

