लखनऊ. Lucknow में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है और इसका सीधा असर शहर के बड़े होटलों और रेस्टोरेंट्स पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर United States, Israel और Iran के बीच बढ़ते तनाव का असर गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। राजधानी में कई होटलों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण अब किचन में हाईपावर कमर्शियल इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है कि कई होटलों ने अपने किचन में कमर्शियल इंडक्शन चूल्हे लगाना शुरू कर दिया है, क्योंकि गैस की कमी के कारण पारंपरिक तरीके से खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। होटल संचालकों का कहना है कि इंडक्शन चूल्हों पर एक समय में हजार से ज्यादा लोगों का खाना भी तैयार किया जा सकता है, इसलिए यह फिलहाल एक विकल्प बनकर सामने आया है।
गैस संकट का असर सिर्फ होटलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शादी और पार्टी के मेन्यू में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। ज्यादा गैस खपत वाले व्यंजनों को मेन्यू से हटाया जा रहा है, क्योंकि सीमित सिलेंडरों के साथ किचन चलाना मुश्किल हो गया है। होटल संचालकों का कहना है कि एक होटल को रोजाना करीब 8 से 10 सिलेंडर की जरूरत होती है, लेकिन सप्लाई बाधित होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर फिलहाल अघोषित रोक जैसी स्थिति बन गई है और गैस एजेंसियों को घरेलू सिलेंडर सप्लाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ लखनऊ ही नहीं बल्कि Kanpur, Prayagraj, Varanasi और Gorakhpur जैसे शहरों में भी गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर 4 से 5 दिन तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। गैस संकट के बीच कई लोग एहतियात के तौर पर लकड़ी का स्टॉक भी करने लगे हैं।

