मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में भगवान बिरसा मुंडा जयंती से ठीक पहले एक ऐसी गलती हो गई, जिसने पूरे आदिवासी समाज को आक्रोशित कर दिया। रतलाम जनजातीय विभाग की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र में भगवान बिरसा मुंडा की जगह “भगवान बिरसा गुंडा” लिखा गया। इस गंभीर त्रुटि ने समाज की भावनाओं को गहराई से आहत किया और लोग इसे अपनी आस्था पर सीधी चोट बता रहे हैं।
गलती सामने आते ही शुक्रवार को आदिवासी समाज के बड़े समूह ने जनजातीय विभाग के कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज लोगों ने विभागीय अधिकारी का पुतला दहन किया और साफ कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि यह मात्र टाइपिंग मिस्टेक नहीं, बल्कि भगवान के प्रति किया गया अपमान है, जिसके लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
इधर विभाग की सहायक आयुक्त रंजना सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्र तैयार करते समय लिपिक से टाइपिंग की गलती हुई थी। जैसे ही त्रुटि उनके संज्ञान में आई, तुरंत सुधार कर दिया गया और जिम्मेदार कर्मचारी को सस्पेंड कर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।

पूरे मामले ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आदिवासी समाज अब इस बात पर अड़ा है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो—क्योंकि उनके भगवान के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं है।

