भोपाल। नए साल की शुरुआत में स्विट्जरलैंड के दावोस से मध्य प्रदेश का डंका बजने वाला है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे और वैश्विक मंच पर प्रदेश की निवेश संभावनाओं, औद्योगिक नीति और विकास मॉडल को मजबूती से प्रस्तुत करेंगे।
वैश्विक निवेशकों के सामने खुलेगा मध्य प्रदेश का ब्लूप्रिंट
WEF के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्योग, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश के लिए मध्य प्रदेश का स्पष्ट और मजबूत रोडमैप दुनिया के सामने रखेंगे, जिसका उद्देश्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई ऊंचाई देना है।
WEF 2026 में भारत की दमदार मौजूदगी
इस बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारत की भागीदारी पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली रहने वाली है, जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे, साथ ही 100 से अधिक शीर्ष सीईओ और कई केंद्रीय मंत्री भी सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
संवाद की भावना पर केंद्रित होगा WEF 2026
WEF 2026 की थीम ‘A Spirit of Dialogue’ रखी गई है, जिसके तहत वैश्विक सहयोग, प्रतिस्पर्धी दुनिया में विकास, लोगों में निवेश, जिम्मेदार नवाचार और पर्यावरण संतुलन जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा होगी, इस सम्मेलन में करीब 130 देशों से 3,000 वैश्विक नेता और लगभग 60 राष्ट्राध्यक्ष भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री के साथ जाएगा उच्च स्तरीय अधिकारी दल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मध्य प्रदेश सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दावोस जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री सचिवालय, उद्योग, ऊर्जा, तकनीकी शिक्षा विभाग और एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
निवेश, तकनीक और साझेदारी पर होंगी अहम बैठकें
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाना है, सम्मेलन के दौरान संभावित निवेश प्रस्तावों, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक भागीदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों की संभावना है।
दावोस दौरा बनेगा मध्य प्रदेश के लिए गेमचेंजर
विश्व आर्थिक मंच में मुख्यमंत्री की यह भागीदारी न सिर्फ निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर मध्य प्रदेश की छवि को एक उभरते और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में मजबूत करने का बड़ा अवसर भी साबित होगी।

