भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर राजधानी भोपाल में जमकर सियासी घमासान देखने को मिला। महिला कांग्रेस कार्यकर्ता पीसीसी दफ्तर से वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करने निकलीं। महंगाई और आम परिवारों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने ठेले पर खाली थाली, स्कूटी और गैस सिलेंडर रखकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई, पुतला दहन किया गया और कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ते हुए नजर आईं। रीना बोरासी सेतिया ने कहा कि महंगाई चरम पर है और बजट में महिलाओं को राहत देने जैसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ही चेतावनी दी गई थी कि यदि बजट जनहित में नहीं होगा तो वित्त मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने भी ताली बजाकर विरोध जताया। उनका कहना था कि बजट के नाम पर सिर्फ घोषणाएं की गई हैं और सरकार वादों के सहारे चल रही है। महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर ठोस प्रावधान नहीं किए गए, बल्कि सिर्फ ख्याली पुलाव पकाया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और इसके बावजूद सरकार लगातार कर्ज ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वर्ष भी सत्तर हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है, जिससे प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
इधर विधानसभा में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला भी जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु हुई है और मृतकों के परिजनों को 44 लाख रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़े छुपा रही है।
इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक आईएएस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है और मृतकों के परिजनों को चार नहीं बल्कि पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। बजट और भागीरथपुरा कांड को लेकर सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह सियासत तेज हो गई है।

