कफ सिरप कांड के बाद बड़ा एक्शन: 32 कंपनियों की जांच, 5 पर लगा प्रतिबंध और कई को नोटिस

भोपाल। छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप कांड के बाद पूरे मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में डर और गुस्से का माहौल है। बच्चों की ज़िंदगी से खिलवाड़ करने वाली इस घटना ने हर माता-पिता को दवा देने से पहले दो बार सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसी घटना के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए कफ सिरप बनाने वाली 32 कंपनियों की जांच कराई, और जांच में खामियां मिलते ही 5 कंपनियों पर उत्पादन रोक दी गई, जबकि कई को नोटिस जारी कर दिया गया।

नोटिस पाने वाली कंपनियों में शामिल हैं—सेजा फॉर्मुलस इंदौर, विशाल फार्मास्यूटिकल्स लिबर्टी, सामकेम इंदौर, विलक्योर लाइसेंस निरस्त शील केमिकल्स ग्वालियर, एडकॉल लैब इंदौर और मॉडर्न लेबोरेट्री इंदौर। जांच रिपोर्ट में गंभीर खामियां मिलने के बाद ड्रग विभाग ने इन कंपनियों को तुरंत जवाब देने के लिए कहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

गौर करने वाली बात यह है कि छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की किडनी फेल हो गई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कई मासूम इस जहरीले सिरप के कारण अपनी जान गंवा बैठे। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे देशभर में हड़कंप मच गया था, और कई राज्यों ने संदिग्ध कफ सिरप को बैन कर दिया था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ड्रग कंट्रोलर समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड किया, वहीं सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों को कठोर सज़ा दी जाएगी।

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