मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने बड़ा एक्शन लिया है, अचानक सीधी दौरे पर पहुंचे सीएम ने जमीनी हकीकत परखते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई और साफ संदेश दिया कि लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता और जनप्रतिनिधियों से शिकायतें सुनीं, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए सीधी जिले के सहकारी बैंक के महाप्रबंधक को निलंबित करने और कलेक्टर को पद से हटाने के निर्देश दे दिए, इस अचानक फैसले से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
इतना ही नहीं, गुना में सामने आए हवाला कांड को लेकर भी सीएम ने सख्त रुख अपनाया और पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक न मानते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए, जिससे साफ हो गया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान साफ कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही तय है और यदि जमीनी स्तर पर शिकायतें मिलती हैं तो ऐसे अधिकारियों को मैदान में रखने का कोई औचित्य नहीं है, जरूरत पड़ी तो उन्हें वल्लभ भवन बैठाया जाएगा और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाएंगे।
दरअसल गुना हवाला कांड में हाईवे चेकिंग के दौरान करीब एक करोड़ रुपये का संदिग्ध कैश पकड़ा गया था, आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इस मामले में पैसे लेकर सेटेलमेंट करने की कोशिश की, मामला बढ़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू की और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई, अब इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के सख्त रुख से प्रशासन में साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी।

