लखनऊ। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वार्षिक कैलेंडर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर न छपना अब अधिकारियों पर भारी पड़ गया है। इस कैलेंडर विवाद के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटा दिया है और उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है। इससे पहले इसी मामले में नोएडा अथॉरिटी के ओएसडी महेंद्र प्रसाद के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है।
कैलेंडर सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई। शुरुआती कार्रवाई में सीईओ लोकेश एम ने महेंद्र प्रसाद को एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया था, जिसे एक सख्त अनुशासनात्मक कदम माना गया। हालांकि बाद में सवाल उठे कि जिस कैलेंडर का विधिवत विमोचन खुद सीईओ ने किया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसी असमंजस और बढ़ते दबाव के बीच आखिरकार सरकार ने सीईओ लोकेश एम को भी हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया।
दरअसल पूरा मामला तब शुरू हुआ जब नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने नववर्ष 2026 के लिए अपना वार्षिक कैलेंडर जारी किया। इस कार्यक्रम में सीईओ लोकेश एम की मौजूदगी में कैलेंडर का विमोचन हुआ और माहौल सामान्य रहा, लेकिन बाद में सामने आया कि कैलेंडर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर शामिल नहीं थी। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया और ऊपरी स्तर पर नाराजगी जाहिर की गई। कैलेंडर की सामग्री और प्रस्तुति को लेकर भी सवाल उठे, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ता चला गया और अंततः सीईओ के हटाए जाने तक पहुंच गया।

