नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां छिंदवाड़ा सीमा से लगे छातीआम क्षेत्र में करीब साढ़े चार साल के एक नर बाघ का 24 दिन पुराना शव मिलने से हड़कंप मच गया, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने दिनों तक प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जानकारी के मुताबिक यह बाघ बांधवगढ़ से लाया गया था और उसकी निगरानी के लिए रेडियो कॉलर लगाया गया था, लेकिन जब 19 मार्च को कॉलर हटाने की अनुमति मिली और टीम लोकेशन पर पहुंची, तब खुलासा हुआ कि बाघ की मौत कई दिन पहले ही हो चुकी थी, शिकारियों ने सबूत मिटाने के लिए रेडियो कॉलर को जलाकर नष्ट कर दिया था ताकि कोई सिग्नल ट्रेस न हो सके।
जांच में सामने आया है कि बाघ को जहर देकर मारा गया, घटना का सुराग तब लगा जब सर्च टीम को एक मृत बैल मिला, जिसके बाद डॉग स्क्वाड की मदद से टीम आरोपियों तक पहुंची और एक खेत से बाघ का शव बरामद किया गया, इस मामले में मुख्य आरोपी उदेसिंग सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने टाइगर रिजर्व की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रेडियो कॉलर लगे बाघ की 24 दिनों तक कोई खबर क्यों नहीं ली गई और आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।

