पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल पूरी तरह गर्म है। एनडीए के सभी घटक दल मैदान में पूरी ताकत से उतर चुके हैं।बीजेपी के सांसदों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक, सभी राज्य के अलग-अलग जिलों में रैलियां कर रहे हैं। इसी बीच भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आरा में हुई चुनावी सभा के दौरान पवन सिंह को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा — “पवन सिंह विधानसभा चुनाव नहीं, बल्कि लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।” मनोज तिवारी ने बताया कि पहले उन्हें आसनसोल से टिकट दिया गया था, लेकिन अब पार्टी उन्हें आगे चलकर सही सीट से चुनाव लड़वाएगी। यानी बीजेपी पवन सिंह को भविष्य में बड़ा मौका देने की तैयारी में है।
मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार की जनता अब विकास चाहती है, न कि भ्रम फैलाने वाली राजनीति। उन्होंने दावा किया कि एनडीए का लक्ष्य 200 सीटें हैं और मौजूदा स्थिति देखकर लगता है कि गठबंधन 175 से ज्यादा सीटें जीत सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी।
इसी बीच केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया दी और कहा — “तेजस्वी के बयान सिर्फ मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं, हकीकत नहीं।”
वहीं बक्सर में आयोजित अमित शाह की सभा में कुछ महिलाओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा, इसलिए वे नाराज हैं और सभा में बैनर तक फाड़ दिए।
मनोज तिवारी ने पटना में महागठबंधन पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा — “महागठबंधन मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक मानता है, जबकि वास्तव में उनके लिए काम एनडीए ने किया है — प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में।”
तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें खुद को मुख्यमंत्री घोषित करने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ा। वहीं, भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के बयान पर उन्होंने कहा — “खेसारी छोटा भाई है, वो जो भी कहेगा, पार्टी सुनकर आगे बढ़ेगी।”
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्तीपुर और बेगूसराय में जबकि अमित शाह ने सीवान और बक्सर में रैलियां कीं। दोनों नेताओं ने अपने भाषणों में “जंगलराज” का जिक्र करते हुए आरजेडी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा — “उस दौर में बिहार में हत्या, लूट और रंगदारी ने विकास का गला घोंट दिया था। फैक्ट्रियों पर ताले लग गए और युवाओं को पलायन करना पड़ा।”
फिलहाल एनडीए के नेता लगातार जनता के बीच जाकर अपना संदेश पहुंचा रहे हैं — विकास, सुशासन और स्थिरता का। दूसरी ओर, महागठबंधन भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है। दोनों ओर से चुनावी रैलियां, नारे और वादों की बौछार जारी है — और बिहार की सियासत इस वक्त अपने चरम पर है।

