इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में चल रही मीडिया सीरीज सीजन पंद्रह का मंच उस वक्त चर्चा में आ गया, जब अकादमिक माहौल अचानक राजनीति की पिच में बदल गया। विषय भले ही मीडिया पर था, लेकिन माइक हाथ में आते ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आमने-सामने आ गए और शुरू हो गई शब्दों की दिलचस्प जुगलबंदी।
सज्जन सिंह वर्मा ने मुस्कुराते हुए चुटकी ली कि कैलाश विजयवर्गीय तो चौके-छक्के मारते नजर आ रहे हैं। हॉल ठहाकों से गूंज उठा, लेकिन माहौल यहीं नहीं रुका। कैलाश विजयवर्गीय ने भी उसी अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि आप बॉल डालेंगे तो मैं क्लीन बोल्ड हो जाऊंगा।
अकादमिक मंच पर हुई यह हल्की-फुल्की नोकझोंक अब राजनीतिक गलियारों में गंभीर संकेतों के तौर पर देखी जा रही है। दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज, मुस्कान और शब्दों की टाइमिंग ने साफ कर दिया कि बात भले ही मजाक में कही गई हो, लेकिन उसका संदेश दूर तक गया। जिस मंच पर मीडिया की भूमिका पर चर्चा होनी थी, वहां राजनीति की पिच तैयार होती नजर आई।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ मंचीय मजाक था या फिर आने वाले सियासी समीकरणों की झलक। इंदौर के इस अकादमिक मंच से निकली माइक जुगलबंदी ने यह जरूर जता दिया है कि चुनावी मौसम भले दूर हो, लेकिन राजनीतिक वार्म-अप शुरू हो चुका है।

