भोपाल। राजधानी भोपाल के भारत भवन से पूरी दुनिया को शांति और संवाद का संदेश दिया जाएगा। 16 से 24 जनवरी तक देश के पहले और ऐतिहासिक महाभारत समागम का आयोजन होने जा रहा है, जो पूरे नौ दिनों तक चलेगा। इस विशेष आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।
वीर भारत न्यास के आयोजन में भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया, श्रीलंका और जापान के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रंग समूह अपनी प्रस्तुतियां देंगे। नौ दिवसीय इस महोत्सव में नाटक, नृत्य-नाट्य, लोक और शास्त्रीय प्रस्तुतियां, कठपुतली कार्यशालाएं, अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और इमर्सिव डोम थिएटर के जरिए युद्ध के खिलाफ शांति, संवाद और मानवता का सशक्त संदेश दिया जाएगा।
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी के अनुसार, आज जब दुनिया युद्ध, हिंसा और सभ्यताओं के टकराव के दौर से गुजर रही है, ऐसे समय में भोपाल का भारत भवन शांति और संवाद का केंद्र बनेगा। महाभारत समागम को देश का अब तक का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन बताया जा रहा है, जिसमें महाभारत को सिर्फ युद्ध की कथा नहीं बल्कि मानवता, विवेक और करुणा की महागाथा के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस नौ दिवसीय आयोजन में मंचित नाटकों और नृत्य-नाट्यों के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि युद्ध कभी समाधान नहीं होता। श्रीकृष्ण के संवाद आधारित प्रयास आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। नेपथ्य कला, अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह और पताकाओं की विशेष प्रदर्शनी दर्शकों को महाभारत के दृश्य संसार से रूबरू कराएगी।
महाभारत आधारित चित्र प्रदर्शनी, भारतीय कठपुतली कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ ‘सभ्यताओं की सांस’ और ‘भूली-बिसरी सभ्यताएं’ पुस्तकों का लोकार्पण भी इस ऐतिहासिक आयोजन का अहम हिस्सा होगा। भोपाल के भारत भवन से उठने वाला यह संदेश शांति, संवाद और मानवता की नई दिशा तय करने की कोशिश करेगा।

