इंदौर। Indore में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक मोड में नजर आ रही है। कमिश्नरेट ने फैसला लिया है कि अब शहर के हर थाने में ऐसे पुलिसकर्मी तैयार किए जाएंगे, जो मौके पर ही साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों का समाधान कर सकें। इसी पहल के तहत पुलिस आयुक्त कार्यालय में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 80 पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन माध्यमों के उपयोग की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त Santosh Kumar Singh के निर्देश पर थाना स्तर पर साइबर सहायता कक्ष को मजबूत करने की योजना बनाई गई है, ताकि पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और थाने में ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। शनिवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त Amit Singh, आर.के. सिंह सहित सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त मौजूद रहे। शहर के सभी थानों से आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों को बुलाकर उन्हें साइबर अपराधों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई।
इस दौरान अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त Rajesh Dandotiya और तकनीकी टीम ने पुलिसकर्मियों को बताया कि किस तरह 1930 हेल्पलाइन और Cyber Crime Portal जैसे माध्यमों के जरिए तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। प्रशिक्षण में यह भी समझाया गया कि शिकायत मिलते ही ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित के पैसे को कैसे होल्ड कराया जा सकता है और जांच को मजबूत बनाया जा सकता है।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा कि तकनीकी दौर में अपराधी भी लगातार हाईटेक होते जा रहे हैं, इसलिए पुलिस को उनसे एक कदम आगे रहना जरूरी है। उनका लक्ष्य है कि इंदौर पुलिस का हर थाना साइबर मामलों में सक्षम बने और कोई भी पीड़ित थाने से निराश होकर वापस न लौटे। कमिश्नरेट ने संकेत दिए हैं कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे और आने वाले समय में हर थाने में साइबर मामलों के लिए प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

