‘देशभक्ति के आवेश में निकल गए शब्द’, मंत्री विजय शाह ने फिर मांगी माफी, बोले सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा जरूरी

इंदौर। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने पुराने बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उनका कोई गलत उद्देश्य नहीं था और देशभक्ति के उत्साह और आवेश में उनके मुंह से वे शब्द निकल गए। मंत्री ने दोहराया कि उनका किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करने का इरादा नहीं था और उन्होंने एक बार फिर लोगों से और भारतीय सेना से माफी मांगी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय शाह ने कहा कि उनके शब्द उनकी भावना के अनुरूप नहीं थे और जो विवाद खड़ा हुआ, वह उनकी छोटी सी त्रुटि की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है और रहेगा, इस पूरे घटनाक्रम से उन्होंने आत्ममंथन किया है और सार्वजनिक जीवन में रहते हुए शब्दों की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी गलती से सबक लिया है, जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं और भविष्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखेंगे ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

वहीं बीते दिन भोपाल स्थित बीजेपी कार्यालय में बैठक के बाद मंत्री विजय शाह मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। जैसे ही कैमरे सामने आए, उन्होंने मुंह फेर लिया और गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए, इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में याचिका और विपक्ष के आरोपों को लेकर पूछे जा रहे सवालों से वे बचते दिखाई दिए।

गौरतलब है कि 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दिए गए बयान के बाद मंत्री विजय शाह विवादों में घिर गए थे, जिसके बाद से उनके बयान को लेकर लगातार सियासी और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और उसी संदर्भ में उन्होंने अब एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए सफाई दी है।

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