कर्नल सोफिया पर दिए गए विवादित बयान के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह एक बार फिर अपने बोल को लेकर विवादों में घिर गए हैं. इस बार मामला लाडली बहना योजना से जुड़ा है, जहां मंत्री का एक बयान सामने आने के बाद राजनीति गरमा गई है. वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने इसे करोड़ों महिलाओं का अपमान बताते हुए मंत्री को पद से बर्खास्त करने की मांग कर दी है.
लाडली बहनों का अपमान, कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कर्नल सोफिया के बाद अब मंत्री विजय शाह ने लाडली बहनों का अपमान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मंत्री के विवादित बयानों पर भाजपा ने कोई कार्रवाई नहीं की. पीसी शर्मा ने कहा कि यह बयान करोड़ों लाडली बहनों का अपमान है और भाजपा को तुरंत ऐसे मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए.
रतलाम की बैठक में दिया गया बयान बना विवाद की जड़
दरअसल रतलाम में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने मंच से लाडली बहना योजना को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसे दबाव और धमकी के रूप में देखा जा रहा है. मंत्री ने कहा कि सरकार अगर करोड़ों रुपए लाडली बहनों को दे रही है, तो उन्हें मुख्यमंत्री का सम्मान करने आना चाहिए, और जो नहीं आएंगी, उनकी जांच पेंडिंग कर दी जाएगी.
वीडियो सामने आते ही बढ़ा विवाद
शनिवार को हुई इस बैठक में मीडिया मौजूद नहीं था, लेकिन वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मंत्री के बयान का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मंत्री यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जो लाडली बहनें मुख्यमंत्री का सम्मान करने आएंगी, उनके 250 रुपए बढ़ा दिए जाएंगे, और जो नहीं आएंगी, उनकी जांच पेंडिंग कर दी जाएगी. मंत्री ने यह भी कहा कि अगर किसी का आधार लिंक नहीं है तो जांच थोड़ी पेंडिंग हो जाएगी, और फिर सब आ जाएंगी.
इस्तीफा नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने कहा कि अहंकार में डूबे मंत्री का अगर इस्तीफा नहीं लिया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री लगातार विवादित बयान दे रहे हैं और सरकार जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
सरकार पर उठे सवाल
इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनकल्याणकारी योजनाओं को राजनीतिक दबाव का जरिया बनाया जा सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि भाजपा और मुख्यमंत्री इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और मंत्री विजय शाह पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं.

