भोपाल। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के सामूहिक गान से हुई और फिर एक-एक कर वो निर्णय सामने आए, जिनका सीधा असर लाखों परिवारों पर पड़ेगा। सबसे बड़ा फैसला लाडली बहना योजना को और मज़बूत करने का है। सरकार इस योजना के ज़रिए बहनों को आर्थिक रूप से और सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अभी तक इस योजना में 44 हजार 900 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है और इसी दिशा में नए कदमों पर भी चर्चा हुई है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने अनाथ बच्चों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब प्रदेश के 33 हजार 346 अनाथ बच्चों को हर महीने 4-4 हजार रुपए की सहायता राशि मिलेगी, जिसके लिए सरकार ने कुल 1022 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है। यह फैसला उन बच्चों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा की एक बड़ी ढाल बनेगा।
कैबिनेट में लैंड पुलिंग पर भी चर्चा हुई और किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। किसानों की ज़मीन का बेहतर उपयोग और उन्हें अधिक लाभ दिलाने के लिए सरकार लैंड पुलिंग को लेकर आगे बढ़ रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के 12 जिलों—भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, मंडलेश्वर, बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, अमरकंटक, पन्ना, श्योपुर और शुजालपुर—में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय खोलने की मंजूरी दे दी गई है, जबकि बड़वानी में 30 बिस्तरीय अस्पताल के संचालन के लिए 373 पद और 806 मानव संसाधन सेवाओं को स्वीकृति दी गई है।
कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले प्रदेश की बहनों, बच्चों, किसानों और आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकते हैं।

