मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, मेडिकल कॉलेजों में पदों की बंपर मंजूरी और बुंदेलखंड को विकास की नई रफ्तार

भोपाल/खजुराहो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। सरकार ने दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेजों के लिए 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों को मंजूरी दी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

बैठक में प्रदेश की अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाया जाएगा। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को दो वर्षों की अवधि में रोजगार के उद्देश्य से जापान और जर्मनी भेजने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट ने सागर से दमोह तक 76 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण को 2059 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी। वहीं दमोह के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में 165 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के तहत प्रदेश के 11 जिलों में 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन और 348 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही को चीतों के रहवास के लिए विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी कैबिनेट ने दी है।

बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए यह बैठक खास रही, जहां बड़े औद्योगिक पैकेज को हरी झंडी दी गई। इस पैकेज के तहत करीब 24 हजार 240 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिससे लगभग 29 हजार 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। कुल 608.93 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा और अगले पांच वर्षों में 539.54 करोड़ रुपये अधोसंरचना विकास पर खर्च किए जाएंगे। यहां 42 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है, जिससे बुंदेलखंड में पलायन रोकने और स्थानीय रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट फैसलों के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को एक साथ गति दी जाएगी, ताकि मध्य प्रदेश समग्र विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *