भोपाल। राजधानी भोपाल में नए साल की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। इस बैठक में सड़क और पुल निर्माण के लिए 17 हजार 196 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत प्रदेशभर में सड़कों के साथ 1200 नए ब्रिज बनाए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। बुरहानपुर में 922 करोड़ रुपये और नेपानगर में 1676 करोड़ रुपये की लागत वाली सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इन योजनाओं का सीधा लाभ आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा। साथ ही नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रस्ताव पर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्तपोषण को भी मंजूरी दी गई है।
बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 1039 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान योजना को जारी रखने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज वन और फेज टू के बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य पोषित निरंतर योजना को भी मंजूरी दी गई। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन का रास्ता भी साफ हुआ है। वहीं परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
इस कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया, जिसमें सभी मंत्रियों को टैबलेट दिए गए। इन टैबलेट्स का उपयोग ई-कैबिनेट प्रणाली के तहत किया जाएगा और आने वाली दो कैबिनेट बैठकों के बाद पूरी तरह ई-कैबिनेट की शुरुआत की जाएगी। नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने वाले माने जा रहे हैं।

