भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सियासी माहौल उस वक्त और गरमा गया जब कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग सदन में रख दी। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसी बीच आतिफ अकील का बयान सामने आया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि उन्होंने गाय को लेकर अशासकीय संकल्प विधानसभा में लगाया है। उनका कहना था कि हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गाय की मृत्यु हो जाए तो उसका अंतिम संस्कार भी सम्मानपूर्वक किया जाए और चमड़े का व्यापार बंद होना चाहिए। आतिफ अकील ने याद दिलाया कि साल 2017 में उनके पिता ने भी ऐसा ही संकल्प रखा था, लेकिन उस समय बहुमत के चलते वह पारित नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में फर्क है।
इस मांग पर बीजेपी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आतिफ अकील मस्जिदों में जाकर मुस्लिम समाज से अपील करें कि गायों को न काटें और न खाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ पब्लिसिटी का तरीका न हो और मध्य प्रदेश में गायों को बिल्कुल भी कटने नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं। 18 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा, जबकि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत करेंगे। इस सत्र में हजारों प्रश्न, ध्यानाकर्षण और प्रस्तावों के जरिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है, लेकिन फिलहाल गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग ने राजनीतिक माहौल को और भी ज्यादा गरमा दिया है।

