भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की दावे-आपत्ति प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई है। प्रदेश कांग्रेस ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलर्ट करते हुए सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर कर वोट चोरी की कोशिश कर सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है।
प्रदेश कांग्रेस ने निर्देश दिए हैं कि 19 जनवरी से 22 जनवरी तक दावे-आपत्ति और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर रोजाना नजर रखी जाए और पूरी जानकारी जुटाई जाए। खास तौर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई गलत नाम मतदाता सूची में न जोड़ा जाए और किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से न हटाया जाए।
कांग्रेस ने साफ कहा है कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक फॉर्म-7 को ही मान्य माना जाए। यदि कहीं बाहर छपे या अनधिकृत फॉर्म-7 का इस्तेमाल होता दिखाई दे, तो उस पर तुरंत आपत्ति दर्ज कराई जाए।
पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय रहें, प्रभावित मतदाताओं की मदद करें और किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना तुरंत वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंचाएं।
यह निर्देश ऐसे समय जारी किए गए हैं, जब SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची से लाखों नाम कटने को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बता रहा है। दावे-आपत्ति की अंतिम तारीख 22 जनवरी 2026 है, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।



